सेवा के संकल्प से – आपदा राहत

सेवा के संकल्प से – आपदा राहत में सेवा भारती हिमाचल का समर्पण

हर बार जब प्रकृति का कहर जनजीवन को झकझोरता है, तब सेवा भारती हिमाचल का संकल्प और समर्पण पुनः यह प्रमाणित करता है कि ‘सेवा ही संगठन का मूल मंत्र है।’ इस वर्ष जुलाई 2025 की आपदा में, जहां अनेक परिवार अपने घरों, ज़रूरतों और सुरक्षा से वंचित हो गए, सेवा भारती ने त्वरित और संगठित प्रयासों के माध्यम से राहत कार्य प्रारंभ किया।

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सेवा भारती हिमाचल द्वारा आपदा में राहत कार्य

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📍 6 से 8 जुलाई 2025 तक सेवा भारती द्वारा थुनाग की 8 पंचायतों में राहत वितरण

289 प्रभावित परिवारों को निम्न सामग्री का वितरण:

  • राशन किट
  • रसोई किट
  • कंबल, गद्दे
  • पहनने के कपड़े, जूते-चप्पल
  • दैनिक उपयोग की वस्तुएँ – पेस्ट, साबुन आदि
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आपदा में लोगों की मुख्य समस्याएं

  • आवास की समस्या: कई घर पूर्णतः या आंशिक रूप से नष्ट हो गए हैं। लोग अस्थायी टेंट या स्कूलों में शरण लिए हुए हैं।
  • भोजन और पानी: बारिश के कारण जलस्त्रोत भी प्रभावित हुए। सूखा राशन और पीने का स्वच्छ पानी प्राथमिक ज़रूरत है।
  • बच्चों और वृद्धों की समस्याएं: छोटे बच्चों के लिए दूध, बिस्किट आदि और वृद्धों के लिए दवाइयाँ न के बराबर हैं।
  • दैनिक उपयोग की वस्तुओं की कमी: टूथपेस्ट, साबुन, कपड़े धोने का सामान, महिलाओं की आवश्यक वस्तुएं पर्याप्त नहीं हैं।
  • मानसिक तनाव: घर उजड़ जाने के बाद भविष्य की चिंता, बीमारी और असुरक्षा की भावना व्याप्त है।
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निष्कर्ष

सेवा भारती का यह कार्य केवल राहत नहीं बल्कि पुनर्निर्माण का बीज है। स्थानीय समाज, कार्यकर्ता और दानदाताओं की सहायता से हम यह संदेश देना चाहते हैं कि जब कोई आपदा आती है, तो भारत का समाज सेवा की भावना से एकजुट हो जाता है।

हम सबका यही प्रयास हो कि अधिक से अधिक लोग सेवा से जुड़ें और पीड़ितों की मदद करें।